चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य के विकास का छत्तीसगढ़ के संदर्भ में एक समग्र अवलोकन

Authors

  • Revati Author

Keywords:

चिकित्सा, जनस्वास्थ्य, छत्तीसगढ़, समग्र अवलोकन

Abstract

यह अध्ययन छत्तीसगढ़ राज्य में चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य क्षेत्र के विकास का समग्र विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन का मुख्य उद्देश्य राज्य की स्वास्थ्य स्थिति, स्वास्थ्य अवसंरचना, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, जनसंख्या दबाव, ग्रामीण स्वास्थ्य आवश्यकताओं तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यय के आधार पर स्वास्थ्य क्षेत्र की प्रगति और चुनौतियों का मूल्यांकन करना है। उपलब्ध आँकड़ों से स्पष्ट होता है कि छत्तीसगढ़ की अनुमानित जनसंख्या 3.08 करोड़ से अधिक है और लगभग 70 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है, जिससे प्राथमिक और सामुदायिक स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं का महत्व अत्यधिक बढ़ जाता है। अध्ययन में पाया गया कि राज्य में जन्मदर, मृत्यु दर और प्रजनन दर में गिरावट आई है, जबकि मातृ मृत्यु अनुपात में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। साथ ही, जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा उप-स्वास्थ्य केन्द्रों की संख्या में दीर्घकालीन वृद्धि यह संकेत देती है कि स्वास्थ्य अवसंरचना का विस्तार हुआ है। फिर भी शिशु मृत्यु दर, दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में सेवा-उपलब्धता, संस्थागत क्षमता की असमानता, और सीमित वित्तीय वृद्धि जैसी समस्याएँ अब भी प्रमुख चुनौती बनी हुई हैं। अध्ययन से यह निष्कर्ष निकलता है कि छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रगति अवश्य हुई है, परंतु अब आवश्यकता संख्या-आधारित विस्तार से आगे बढ़कर गुणवत्तापूर्ण, सुलभ, समावेशी और क्षेत्रीय रूप से संतुलित जनस्वास्थ्य व्यवस्था के निर्माण की है।

Author Biography

  • Revati

    Independent Scholar, (M.A. Sociology, SLET), Bilaspur, Chhattisgarh

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Published

2025-12-15

Issue

Section

Articles

How to Cite

चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य के विकास का छत्तीसगढ़ के संदर्भ में एक समग्र अवलोकन. (2025). Shodh Patra: International Journal of Multidisciplinary Studies, 2(1), 831-838. https://shodhpatra.in/index.php/files/article/view/101

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