सम्पत्ति का स्वामित्व एवं विभाजन
Keywords:
सम्पत्ति, स्वामित्व, विभाजनAbstract
प्राचीन भारत में सम्पत्ति का अधिकार नारियों व पुरूषों के लिए अलग-अलग था। पिता की सम्पत्ति पर बेटों को जन्म से ही अधिकार था। ज्येष्ठाधिकार का विशेष महत्व था। राजघरानों में ज्येष्ठ पुत्र को ही राज्य का कार्यभार और अधिकार सौंपा जाता था। सामान्य जनों में यहाॅ भी ज्येष्ठ पुत्र का कर्तव्य और अधिकारी अन्य पुत्रों की अपेक्षा अधिक था। चूंकि पिता के कार्यों में वह सहायक होता था अतः पैतृक संपत्ति में बडे़ बेटे को विशेष महत्व और बड़ा हिस्सा मिलताा था।
