अरुणाचल प्रदेश में संपर्क भाषा के रूप में हिंदी का महत्त्व
Keywords:
अरुणाचल प्रदेश; उत्तर-पूर्व; संपर्क-भाषा; हिन्दीAbstract
अरुणाचल प्रदेश भारत के उत्तर-पूर्व में बसा वह राज्य है जहाँ सूरज की पहली किरण सबसे पहले अपना बसेरा डालती हैl यह राज्य कुल ८३,३४७ वर्ग कि.मी. में फैला हुआ हैl हिमालय की गोद में बसा यह राज्य तीन अन्तराष्ट्रीय सीमाओं से लगा हुआ हैl इसके उत्तर में चीन, पश्चिम में भूटान तथा पूर्व में बर्मा हैl इस राज्य में 26 मुख्य जनजातियाँ है तथा सौ से अधिक उपजनजातियाँ निवास करती हैंl न्यीशी, आदी, गालो, आपातानी, मोनपा, तागीन, शेरदुक्पन, मिश्मी ,खामती, सिंगफो, नोक्टे, वांगचु, तंगसा, आका, मिजी ,मेम्बा, बुगुन आदि कुछ प्रमुख जनजातियाँ हैंl इन सभी जनजातियों का अलग सामाजिक- सांस्कृतिक ढांचा है तथा अलग – अलग बोलियाँ हैl ये सभी जनजातियाँ भाषा, पूजा-पद्धती, खान-पान, रहन-सहन आदि रूपों में एक-दुसरे से भिन्न है,फिर भी इनमें एक समानता है और वह है – ये सभी शांति के पुजारी हैl सभी जनजातियों की बोलियों में एकरूपता का अभाव है, इसलिए कोई भी बोली संपर्क भाषा नहीं बन पाई हैl इन सभी जनजातियों की भाषा एक-दूसरे से अलग होने के कारण ये सभी एक-दूसरे से संपर्क करने के लिए हिंदी भाषा का ही प्रयोग करते हैंl
