बस्तर क्षेत्र की माड़िया जनजाति के अंतिम संस्कार में मृतक स्तम्भ गाड़ने की प्रथा का एक सामाजिक महत्व
Keywords:
बस्तर, नारायणपुर माड़िया जनजाति, अंतिम संस्कार, मृतक स्तंभ, पारंपरिक प्रथा, मेनहिर, काष्ठ स्तंभ, प्रस्तर स्तंभ, मठ, नक्काशी, चित्रण, सामाजिक, सांस्कृतिक।Abstract
बस्तर क्षेत्र में निवासरत माड़िया जनजाति के अंतिम संस्कार में ’मृतक स्तंभ’ ;डमउवतपंस च्पससमतद्ध स्थापित करने की प्रथा परंपरागत रूप से आज भी प्रचलन में है। मृतक स्तंभ इसका निर्माण मृतकों की स्मृति चिन्ह के रूप में की जाती है। यह स्तंभ माड़िया जनजाति की ऐतिहासिक, धार्मिक अनुष्ठानिक परंपरा की प्रथा है। प्रस्तुत शोध आलेख में इस प्रथा की स्वरूप, अनुष्ठानिक प्रक्रिया, प्रतीकात्मकता तथा सामाजिक महत्व का विश्लेषण किया गया है। यह शोध प्राथमिक तथ्यों पर आधारित है, जो कि बस्तर क्षेत्र के नारायणपुर जिले में निवासरत माड़िया जनजाति से संबंधित है। इस क्षेत्र में चित्रित किये गए मृतक स्तंभ कम एवं बना चित्रित वाले मृतक स्तंभ सामान्यतः अधिक है। मृतक स्तंभ की कलाकृतियों में मृतक की जीवन शैली, सामाजिक पहचान व उनकी ऐतिहासिकता को दर्शाया जाता है।
